team banner
English (United Kingdom)

Home News भैंस मेला व प्रदर्शनी-2016
Print E-mail

buffalo-in-newsकेन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार के 32वें स्थापना दिवस के उपलक्ष में भैंस मेला संपन्न

केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान हिसार के 32वें स्थापना दिवस के उपलक्ष में भैंस मेला प्रदर्शनी का आयोजन 1 फरवरी, 2016 को संस्थान के प्रांगण में किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान द्वारा हरियाणा किसान आयोग एवं भारतीय भैंस विकास सोसार्इटी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा हैं। मेले का उदघाटन पद्मभूषण डॉ राजेन्द्र सिंह परोदा पूर्व महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मुख्य अतिथि द्वारा किया गया और डॉ. आर. एस. दलाल, सचिव सदस्य, हरियाणा किसान आयोग वशिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।

 


 

पुरस्कार वितरण समारोह में मेजर जनरल श्रीकांत एस एम; वीएसएम सेवानिवृत कुलपति, लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत किया। इस अवसर पर डॉ भुपेन्द्र नाथ त्रिपाठी, निदेशक, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र वशिष्ठ अतिथि थे। केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान में वर्ष 2004 से भैंस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में आर्इ सुंदर भैंसों ने मुख्य अतिथि एव्म वशिष्ठ अतिथियों तथा किसानों का मन मोह लिया। इस अवसर पर विभिन्न पशुपालकों के रूचि के अनुसार एक भव्य भैंस मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर माननीय अतिथियों ने संस्थान द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए निदेशक तथा सभी वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों को बधार्इ दी तथा उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा। मुख्य अतिथि ने भैंस पालन में वैज्ञानिक तौर - तरीके अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। खुशी व्यक्त की कि युवाओं का कृषि तथा पशुपालन में रूचि खत्म हो रही है, लेकिन भैंस पालन में युवा रूचि ले रहे हैं जिससे इस व्यवसाय से आमदनी भी बढ़ रही है। डॉ राजेन्द्र सिंह परोदा ने इस अवसर पर उचित प्रजनन विधि अपनाने पर बल दिया।

संस्थान के निदेशक डॉ इन्द्रजीत सिंह ने अपने संस्थान के किसानों से घनिष्ठ संबंध को रेखांकित किया। अपने संबोधन में डॉ इन्द्रजीत सिंह ने वैज्ञानिक पद्धित से भैंस पालन का आहृान किया जिसमें खनिज लवण मिश्रण का प्रयोग तथा पशुओं से संबंधित सभी प्रकार के रिकार्ड को संजोए रखना महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पशुपालन छोटे किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है तथा गरीबी कम करने में मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्राइवेट कम्पनियां तथा बड़े उद्योग संस्थानों को भी जोड़ना जरूरी है। इसके साथ किसानों को अपने पानी, मिट्टी तथा पशु संस्थानों को सजों कर रखना होगा जिससे हमारे देश की कृषि प्रगति हो सके।

डॉ इन्द्रजीत सिंह ने इस अवसर पर सभी भैंस पालकों को सूचित किया कि भैंस पालकों के अति उत्साह को देखते हुए केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान, हिसार ने अपने प्रांगण में हर महीने दुग्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया और उच्च कोटी की ज्यादा दूध देने वाली भैंसों की पहचान हो सकी तथा 24 किलो से अधिक तथा 20-24 किलो तक दूध देने वाली भैंसों को पुरस्कार दिये गये।

डॉ सतबीर सिंह दहिया, प्रधान वैज्ञानिक तथा संस्थान के तकनीकी हस्तांतरण विस्तार यूनिट के अध्यक्ष ने अपने संबोधन में अपनी यूनिट के कार्य के बारे में सक्षप्ति विवरण दिया मेले को सफल बनाने के लिए सबका धन्यवाद दिया।

मेले में कुल 277 पशु आए।

पुरस्कृत भैंसों का विवरण इस प्रकार है:-

स्थान

टैग नम्बर

मालिक का नाम पता

श्रेणी: दुग्ध प्रतियोगिता

प्रथम, 31 हजार रूप्ये

(24 किलो से अधिक, 2 भैंस)

160013-775231

जय सिंह, गांव - सोरखी (हिसार)

MU - 194134

कर्मवीर, गांव - सुनारियां (कुरूक्षेत्र)

द्वितीय, 21 हजार रूप्ये

(20-24 किलो, 2 भैंस)

611432

रामफल, गांव - गुजरानी (भिवानी)

187345

राम सिंह, गांव - भरटाना(भिवानी)

तृतीय, 5100 रूप्ये

(18-20 किलो, 8 भैंस)

187505

विरेन्द्र, गावं - असंध करनाल

MU400152

सुरजीत मलिक, गांव - उमरा (हिसार)

582640

वजीर, हिसार

530213

अशोक कुमार, गांव - सिंघवा (हिसार)

HLDB263931

वजीर, हिसार

202732

वजीर, हिसार

1201409

सुखबीर, गांव - लितानी (हिसार)

 

 

This website belongs to , Indian Council of Agricultural Research, an autonomous organization under the Department of Agricultural Research and Education, Ministry of Agriculture, Government of India RTI | Disclaimer | Privacy Statement
Designed and Maintained by AKMU,CIRB